
चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में अचानक भूचाल आ गया है। दो वरिष्ठ अधिकारियों पर अनुशासन और क़ानून के उल्लंघन के शक में जांच शुरू हो गई है। इनमें शामिल हैं जनरल झांग यूक्सिया, जिन्हें राष्ट्रपति शी जिनपिंग का बेहद क़रीबी सहयोगी माना जाता है।
झांग यूक्सिया: शक्ति, प्रभाव और… शक?
झांग सिर्फ़ सेना के ही नहीं, पोलित ब्यूरो के भी सदस्य हैं, यानी चीन की सत्ता के गलियारों में उनकी पकड़ कमाल की है। लेकिन लगता है, भ्रष्टाचार के आरोप उनके चमकदार क़द के सामने भी टिक नहीं पाए।
शी जिनपिंग का सख़्त अभियान जारी
पिछले साल अक्टूबर 2025 में, शी ने PLA में भ्रष्टाचार के खिलाफ सफ़ाई अभियान चलाया और आठ जनरलों को हटाया। अब यही अभियान दो और अधिकारियों तक पहुँच गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि शी की सख़्त कार्रवाई सिर्फ़ “सत्ता दिखाने” का खेल नहीं, बल्कि सेना में अनुशासन और भ्रष्टाचार उन्मूलन की रणनीति है।

चीन की गलियारों में चर्चाएँ तेज़
PLA और पोलित ब्यूरो में अब हड़कंप मचा हुआ है। सवाल यही उठता है कि “कौन अगला?” और “शासन की निगाह से कौन बच पाएगा?”
वैसे अगर आप सोच रहे हैं कि यह सिर्फ़ सैनिकों का खेल है, तो भूल जाइए। यह तो राजनीति, शक्ति और भ्रष्टाचार की हॉलीवुड जैसी ड्रामा सीरीज है, जो सीधे चीन की गलियारियों से आती है।
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